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मुक्ति पाना आसान है या मुश्किल !

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मुक्ति पाना आसान है या मुश्किल शास्त्रों के आधार पर!  मुक्ति पाना बहुत ही आसान है यह हमारे सद ग्रंथ प्रमाणित करते हैं की भक्ति मार्ग में सबसे पहले गुरु की आवश्यकता होती है और गुरु भी पूरा हो जो शास्त्रों के अनुसार साधना बताते हो उसको तत्वदर्शी संत कहते हैं जो तत्वदर्शी संत होता है वह शास्त्रों में लिखी हुई साधना बताता है जो 3 बार में नाम दीक्षा देता है उन तत्वदर्शी संत से नाम दीक्षा लेकर  मर्यादा में रहकर भक्ति करने से  मुक्ति  सहज में ही प्राप्त कर सकते हैं ।शास्त्रों में लिखा है कि मुक्ति कोई जंगल में जाकर तप या सिद्धि करने से नहीं होती है। हमारे शास्त्रों मे प्रमाण है कि घर में रहकर गुरुजी की मर्यादा के अनुसार भक्ति करें सब नियमों का पालन करें जिससे घर में सुख ,शारीरिक, मानसिक, आर्थिक आदि लाभ होते हैं  घर में सुख होगा तभी भक्ति करेगा ।भक्ति करेगा तो मनुष्य शीघ्र ही मुक्ति का अधिकारी हो जाता है हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि जो शास्त्र विधि को त्याग कर मन माना आचरण करता है उसको न सुख मिलता है ओर न हीं शांति । इससे सिद्ध है कि हमारे सद ग्रंथों मैं लिखी...

कबीर साहेब जी का प्रकट दिवस होता है जयंती नहीं।

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कबीर साहेब जी का 5 जून 2020 को 623वा प्रकट दिवस  हैं। कबीर साहिब का प्रकट दिवस होता है, जयंती नहीं! सन् 1398 (विक्रमी संवत् 1455) ज्येष्ठ मास शुद्धि पूर्णमासी को ब्रह्ममूहूर्त में अपने सत्यलोक से सशरीर आकर परमेश्वर कबीर बालक रूप बनाकर लहरतारा तालाब में कमल के फूल पर विराजमान हुए। पूर्ण परमात्मा का माँ के गर्भ से जन्म नहीं होता। कबीर साहेब का जन्म नहीं होता! आदरणीय गरीब दास जी ने भी अपनी वाणी के माध्यम से यह बताया है कि परमात्मा कबीर जी की कोई माता नही थी अर्थात उनका जन्म माँ के गर्भ से नही हुआ। गरीब, अनंत कोटि ब्रह्मांड में, बंदीछोड़ कहाय। सो तो एक कबीर हैं, जननी जन्या न माय।। कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक से आते हैं, उनका जन्म नहीं होता। जो देव जन्म मृत्यु के चक्कर में है उनकी जयंती मनाई जाती है लेकिन पूर्ण परमात्मा कबीर जी का प्रकट दिवस मनाया जाता है क्योंकि वो सत्यलोक से सशरीर पृथ्वी पर प्रकट होते हैं - "गगन मंडल से उतरे सतगुरु पुरूष कबीर” जलज माहि पौडन किए, सब पीरन के‌ पीर।। न मेरा जन्म न गर्भ बसेर, बालक बन दिखलाया। काशी नगर जल कमल पर डेरा तहां जुलाहे ने पाया।। ...

कबीर साहिब जी का ज्ञान शास्त्रों से प्रमाणित व तत्वज्ञान है।

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कबीर परमेश्वर जी ने ही शास्त्रों से हमें प्रमाणित करके तत्वज्ञान दिया है। 5 जून 2020 को 623वा कबीर साहेब प्रकट दिवस शास्त्रो से प्रमाणित तत्ववज्ञान सर्वप्रथम कबीर जी ने कहा कि परमात्मा साकार है, नराकार है। आज उसी बात को संत रामपाल जी महाराज ने सभी धर्म ग्रंथों से प्रमाणित करके बता दिया कि परमात्मा/अल्लाह साकार है, राजा के समान दर्शनीय है, सिंहासन पर बैठा है। कबीर परमेश्वर ने ही बताया था कि परमात्मा सभी पापों से मुक्त कर सकता है। आज संत रामपाल जी महाराज ने वेदों से प्रमाणित करके बता दिया कि परमात्मा साधक के घोर पाप को भी समाप्त कर देता है। देखिये प्रमाण "यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13"। परमेश्वर कबीर साहेब जी ने ही ब्रह्मा, विष्णु, महेश के माता-पिता का ज्ञान कराया तथा उनकी उत्पत्ति बताई। कबीर साहिब ने ही सतलोक का ज्ञान दिया । कबीर साहेब जी ने कहा है कि मनुष्य जन्म बहुत अनमोल है इसे शास्त्र विरुद्ध साधना करके व्यर्थ नहीं करना चाहिए, क्योंकि मनुष्य जन्म बार बार नहीं मिलता। मानुष जन्म दुर्लभ है, ये मिले ना बारंबार। जैसे तरवर से पत्ता टूट गिरे, वो बहुर न लगता डार।। ...

कबीर साहिब की अद्भुत लीलाएं

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  कबीर साहेब जी के करिश्मे या अद्भुत लीलाएं । कबीर साहेब जी का 623वा प्रकट दिवस 5 जून 2020 को है। सम्मन को पार करना सम्मन बहुत गरीब था। जब कबीर परमात्मा का भक्त बना। तब परमात्मा के आशीर्वाद से दिल्ली का महान धनी व्यक्ति हो गया, परंतु मोक्ष की इच्छा नहीं बनी। सम्मान ने अपने परमेश्वर रूप सतगुरु के लिए अपने बेटे की कुर्बानी की थी। जिस कारण अगले जन्म में नौशेरखान शहर के राजा के घर जन्मा। फिर ईराक देश में बलख नामक शहर का राजा अब्राहिम सुल्तान बना। परमात्मा ने उस आत्मा के लिए अनेकों लीलाएं की और उसका उद्धार किया। दादू जी का उद्धार सात वर्ष की आयु के दादू जी को परमात्मा कबीर जी जिंदा महात्मा के रूप में मिले व ज्ञान समझाया और सतलोक दिखाया। इसलिए परमात्मा कबीर जी की महिमा गाते हुए दादू  जी कहते हैं जिन मोकूं निज नाम दिया, सोई सतगुरु हमार । दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सिरजनहार ।। मीरा बाई को शरण में लेना मीरा बाई पहले श्री कृष्ण जी की पूजा करती थी। एक दिन संत रविदास जी तथा परमात्मा कबीर जी का सत्संग सुना तो पता चला कि श्री कृष्ण जी नाशवान हैं। समर्थ अविनाशी परमात्...