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कावड़ लाना शास्त्रों के विरुद्ध साधना है

  कावड़ लाने से क्या फायदा व क्या नुकसान है  सावन मास में हरिद्वार से शिवजी की कावड़ लाने के लिए बहुत श्रद्धालु जाते हैं ओर बोलते हैं 'बम बम' यह कोई शिवजी का मंत्र नहीं है यह एक मनघड़त मंत्र है इससे कोई लाभ नहीं  यह हमारे शास्त्रों के विरुद्ध है  गीता जी में कहते हैं कि जो शास्त्र विधि को त्यागकर मन माना आचरण करते हैं  उसको न सुख व ना शांति मिलती है अर्थात यूजलेस है। सावन मास में सबसे ज्यादा जीव होते हैं इसलिए सावन मास में कभी बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि इस मास में जीव हत्या ज्यादा होती है। कावड़ लाना यह शास्त्रों के विरुद्ध साधना हैं क्योंकि शास्त्रों में कहीं कावड़ लाने का प्रमाण नहीं है इसलिए शास्त्रों के अनुसार भक्ति करें जिससे ही सर्वे सुख मिलेगा इस समय शास्त्रों के अनुसार साधना विश्व में केवल संत रामपाल जी महाराज बताते हैं संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से सर्व सुख व पूर्ण मोक्ष मिलता है।

मानव वास्तव में कौन कहला सकता है

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  वास्तव में मानव कौन कहने के लायक होता है। मानव एक अनमोल जीवन है । मानव भगवान के स्वरुप के जैसा होता है मानव वह होता है जो सब का सम्मान कर सके मानव का मूल उद्देश्य क्या होता है जैसे मनुष्य जीवन एक अनमोल जीवन है इसमें सभी का आदर व सम्मान करना चाहिए जहां तक हो सके सभी को समानता से देखे किसी के साथ भेदभाव व छुआछूत ना रखें, किसी प्रकार का नशा ना करें ,किसी को भी अपशब्द ना बोले, यह मनुष्य के मूल सिद्धांत होते हैं फिर ज्ञान के आधार पर बात आती हैं तो मनुष्य जीवन 8400000 योनियों के भुगतने के बाद एक बार मिलता है यह मनुष्य जन्म कितना कीमती है इसका कोई अनुमान नहीं लगा सकता मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य पूर्ण परमात्मा की भक्ति करना। जो हमारे सद ग्रंथ यानी शास्त्रों गीता, वेद, पुराण, बाईबल, कुरान सरीफ, श्री गुरु ग्रंथ साहिब, कबीर सागर इत्यादि सभी शास्त्रों से प्रमाणित भक्ति हो। भक्ति करने से मनुष्य को सर्व सुख होते हैं तथा पूर्ण मोक्ष मिलता है इस समय शास्त्रों के अनुसार भक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज ही बताते हैं उनसे नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने से मनुष्य को सर्व सुख और पूर्ण मोक्ष ...

अच्छे समाज का निर्माण कैसे हो।

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अच्छे समाज का निर्माण सत भक्ति से ही संभव है। आज के समय में हमारा समाज में बुराइयां घर कर चुकी है जिसमें गरीबों को बेवजह से दुखी होना पड़ रहा है इस बुराई को खत्म सत भक्ति से ही किया जा सकता है सत भक्ति से ही हमको यह मालूम होगा कि हम जितनी बुराइयां कर रहे हैं इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं जैसे दहेज लेना ,मृत्यु भोज करना, नशा करना ,रिश्वतखोर लेना यह सारी आज हमारे समाज में बहुत बुराईया घर कर चुकी है इस समाज में फैली बुराइयों को खत्म संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं अध्यात्मिक ज्ञान से पूरे विश्व में शांति ला देगा वह पूर्ण संत रामपाल जी महाराज है। समाज में फैली हुई बुराइयां दहेज प्रथा ,मृत्यु भोज, नशाखोरी, रिश्वतखोर, छुआछूत आदि बुराइयों को खत्म करके एक अच्छा समाज तैयार कर रहे हैं ऐसा केवल सत भक्ति से ही हो सकता है अन्यथा बिल्कुल नहीं सत भक्ति भी हमारे शास्त्रों के अनुसार हो संभव है संत रामपाल जी महाराज का नारा हैं जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा । हिंदू ,मुस्लिम, सिख ,ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।।