कावड़ लाना शास्त्रों के विरुद्ध साधना है
कावड़ लाने से क्या फायदा व क्या नुकसान है
सावन मास में हरिद्वार से शिवजी की कावड़ लाने के लिए बहुत श्रद्धालु जाते हैं ओर बोलते हैं 'बम बम' यह कोई शिवजी का मंत्र नहीं है यह एक मनघड़त मंत्र है इससे कोई लाभ नहीं यह हमारे शास्त्रों के विरुद्ध है गीता जी में कहते हैं कि जो शास्त्र विधि को त्यागकर मन माना आचरण करते हैं उसको न सुख व ना शांति मिलती है अर्थात यूजलेस है। सावन मास में सबसे ज्यादा जीव होते हैं इसलिए सावन मास में कभी बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि इस मास में जीव हत्या ज्यादा होती है। कावड़ लाना यह शास्त्रों के विरुद्ध साधना हैं क्योंकि शास्त्रों में कहीं कावड़ लाने का प्रमाण नहीं है इसलिए शास्त्रों के अनुसार भक्ति करें जिससे ही सर्वे सुख मिलेगा इस समय शास्त्रों के अनुसार साधना विश्व में केवल संत रामपाल जी महाराज बताते हैं संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से सर्व सुख व पूर्ण मोक्ष मिलता है।
सावन मास में हरिद्वार से शिवजी की कावड़ लाने के लिए बहुत श्रद्धालु जाते हैं ओर बोलते हैं 'बम बम' यह कोई शिवजी का मंत्र नहीं है यह एक मनघड़त मंत्र है इससे कोई लाभ नहीं यह हमारे शास्त्रों के विरुद्ध है गीता जी में कहते हैं कि जो शास्त्र विधि को त्यागकर मन माना आचरण करते हैं उसको न सुख व ना शांति मिलती है अर्थात यूजलेस है। सावन मास में सबसे ज्यादा जीव होते हैं इसलिए सावन मास में कभी बाहर नहीं निकलना चाहिए क्योंकि इस मास में जीव हत्या ज्यादा होती है। कावड़ लाना यह शास्त्रों के विरुद्ध साधना हैं क्योंकि शास्त्रों में कहीं कावड़ लाने का प्रमाण नहीं है इसलिए शास्त्रों के अनुसार भक्ति करें जिससे ही सर्वे सुख मिलेगा इस समय शास्त्रों के अनुसार साधना विश्व में केवल संत रामपाल जी महाराज बताते हैं संत रामपाल जी महाराज से नाम दीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से सर्व सुख व पूर्ण मोक्ष मिलता है।
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