नशा करना महापाप है।


                     
       नशा करना सतभक्ति में बाधक है

सतग्रंथों में नशा करना महापाप बताया है। नशा करना मनुष्य जीवन को बर्बाद करना है
सुरापान मंदमाहासारी, गमन करे भोगे पर नारी।
सत्तर जन्म कटत हैं शीशम, साक्षी साहिब है जगदीशम्।।

मदिरा पीवे कड़वा पानी, सत्तर जन्म स्वान के जानी।

नशा करने वाला महाकष्ट उठाता है तथा 84 करोड़ जुनी को भी भोगता है इन नशे से छुटकारा पाने के लिए सतभक्ति करें।

यह मनुष्य शरीर सतभक्ति करने के लिए मिला है जो शास्त्रों से प्रमाणित हो इस समय सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज के पास हैं उनसे नाम दीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर सत भक्ति करने से नशा जैसी बुराइयां छूट जाती हैं तथा घर में मानसिक ,आर्थिक, शारीरिक लाभ होते हैं तथा पूर्ण मोक्ष मिलता है देखिए साधना चैनल शाम 7:30 पीएम से।



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