सतभक्ति का संदेश
सतभक्ति का महत्व
मनुष्य जन्म बहुत अनमोल है। मनुष्य जन्म 8400000 जूनिया भुगतने के पश्चात एक बार मिलता है। अगर इसका सदुपयोग नहीं किया और समभक्ति नहीं की, तो बहुत ही कष्ट झेलना पड़ेगा ।सतभक्ति करने वाले के परमात्मा सभी पाप कर्मों को नष्ट कर देते हैं, तथा साधक की आयु भी बढ़ा देते हैं। सतभक्ति उसे कहते हैं । जो सभी सद्ग्रंथो से प्रमाणित हो और उसको बताने वाला तत्वदर्शी संत हो, इस विश्व में इस टाइम सतभक्ति देने वाले व तत्वदर्शी संत केवल संत रामपाल जी महाराज हैं जिन से नाम दीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से घर में किसी भी प्रकार का क्लेश, दुःख, बीमारियां, नशे से पीड़ित,भुत प्रेत से पीड़ीत आदि सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। और सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक लाभ होते हैं कथा पूर्ण मोक्ष मिलता है।
सतभक्ति को समझने के लिए इस वीडियो लिंक को जरूर देखें
मनुष्य जन्म बहुत अनमोल है। मनुष्य जन्म 8400000 जूनिया भुगतने के पश्चात एक बार मिलता है। अगर इसका सदुपयोग नहीं किया और समभक्ति नहीं की, तो बहुत ही कष्ट झेलना पड़ेगा ।सतभक्ति करने वाले के परमात्मा सभी पाप कर्मों को नष्ट कर देते हैं, तथा साधक की आयु भी बढ़ा देते हैं। सतभक्ति उसे कहते हैं । जो सभी सद्ग्रंथो से प्रमाणित हो और उसको बताने वाला तत्वदर्शी संत हो, इस विश्व में इस टाइम सतभक्ति देने वाले व तत्वदर्शी संत केवल संत रामपाल जी महाराज हैं जिन से नाम दीक्षा लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से घर में किसी भी प्रकार का क्लेश, दुःख, बीमारियां, नशे से पीड़ित,भुत प्रेत से पीड़ीत आदि सभी समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा। और सामाजिक, आर्थिक, शारीरिक लाभ होते हैं कथा पूर्ण मोक्ष मिलता है।
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